एक भारतीय एवं स्वदेशी खेल संगठन, जिसका मूल उद्देश्य आदिवासी समाज की खेल प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें प्रशिक्षण एवं उचित अवसर उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है।
भारत के आदिवासी क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली बच्चे और युवा ऐसे हैं जिनमें खेलों की असाधारण क्षमता है, लेकिन संसाधनों, प्रशिक्षण और उचित अवसरों के अभाव में उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। AITSA का प्रयास है कि प्रतिभा और अवसर के बीच की इस दूरी को समाप्त किया जाए।
भारत के प्रत्येक आदिवासी क्षेत्र की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाना। हम ऐसा खेल वातावरण विकसित करना चाहते हैं जहाँ आर्थिक स्थिति, भौगोलिक दूरी या संसाधनों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के खेल-करियर में बाधा न बने।
खोजें → प्रशिक्षित करें → अवसर दें → प्रतिभा को आगे बढ़ाएँ
आदिवासी क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से जुड़ी तीरंदाजी प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण एवं प्रतियोगी मंच प्रदान करना।
दौड़, कूद एवं अन्य एथलेटिक्स स्पर्धाओं में प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान और प्रशिक्षण।
ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में कुश्ती प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं प्रतियोगी अवसर उपलब्ध कराना।
फुटबॉल, हॉकी, बॉक्सिंग, कबड्डी, वॉलीबॉल तथा अन्य खेलों में प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना।
AITSA का उद्देश्य विभिन्न राज्यों में Sports Hubs के माध्यम से खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण, खेल सुविधाएँ और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र के निकट ही खेल संबंधी सुविधाएँ मिल सकें।
वर्तमान मे श्री नरेश ठाकुर अखिल भारतीय आदिवासी खेल संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में संघ का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में आदिवासी युवाओं को खेलों से जोड़ना तथा खेल प्रतिभाओं के लिए एक व्यापक एवं संगठित मंच विकसित करना है।
दृष्टिकोण: स्थानीय प्रतिभा → स्थानीय प्रशिक्षण → राज्य स्तरीय अवसर → राष्ट्रीय मंच → अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा
हर प्रतिभा की पहचान और सम्मान।
हर योग्य खिलाड़ी को आगे बढ़ने का अवसर।
खेल भावना और अनुशासन को प्राथमिकता।
मजबूत और आत्मनिर्भर युवा पीढ़ी का निर्माण।